दिलेर और आक्रामक
बल्लेबाज युवराज सिंह क्रिकेट के महानायक सचिन रमेश तेंदुलकर को अपना आदर्श और
गुरु मानते हैं। युवी की माने तो वे मास्टर-ब्लास्टर को तहे दिल से चाहते हैं और
उनकी किसी बात को अनसुना नहीं करते लिहाजा सचिन भी उनसे काफी जुड़ाव महसूस करते
हैं, तभी तो इंग्लैंड के ख़िलाफ़ खेली गयी युवराज की पारी पर सचिन झल्ला उठे और
सरेआम खरीखोटी सुना डाली।
दिसंबर
2008
: इंग्लैंड
के ख़िलाफ़ मोहाली टेस्ट
साल 2008 में
इंग्लैंड की टीम भारत के दौरे पर थी। इस दौरे पर मोहाली टेस्ट मैच के आखिरी दिन
गौतम गंभीर और युवराज सिंह 70 रन से अधिक के स्कोर पर बल्लेबाजी कर रहे थे, तभी
ड्रेसिंग रूम में पारी घोषित करने की बात उठी।
पारी घोषित करने की
बात सुनकर सचिन हैरान हो गये और उन्होंने कप्तान महेन्द्र सिंह धौनी और गैरी
कर्स्टन से बात की और डिक्लेरेशन रोकने को कहा।
सचिन की राय थी कि
आखिरी दिन इंग्लैंड को 30 ओवर की बल्लेबाजी कराने से कोई फ़ायदा नहीं होगा। गौती
और युवी दोनों शतक के क़रीब हैं लिहाजा दोनों को सेंचुरी बनाने का मौका मिलना
चाहिए। सचिन ने जैसे-तैसे कोच और कप्तान को राजी कर लिया।
युवी
पर झल्ला उठे सचिन
शतक के क़रीब पहुंचे
गौतम गंभीर और युवराज सिंह दुर्भाग्यवश आउट हो गये। गौती ने 97 रनों की पारी खेली,
वहीं युवराज सिंह 86 रन बनाकर आउट हुए।
आउट होने के बाद
ड्रेसिंग रूम में इंटर करते ही सचिन तेंदुलकर ने दोनों बल्लेबाजों से मजाक में कहा
कि उन्होंने दोनों के लिए पारी की घोषणा रुकवाई
थी, फिर भी शतक नहीं लगा पाए। फिर युवी की तरफ मुखातिब होते हुए कहा कि
तुम्हें एक लात दूंगा, तुम रन आउट होकर आए 86 रन
पर और मैंने तुम्हारे लिए डिक्लेरेशन रोका।
मास्टर-ब्लास्टर की
ये बातें सुन ड्रेसिंग रूम में मौजूद हर कोई हक्का-बक्का रह गया।



Dressing room ki baat...Prasoon ke sath...
ReplyDeleteHaha 😂
DeleteSachin or yuvi ki bonding badi jabardast thi.... Miss yuvi batting
ReplyDeleteDefinitely
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