भारतीय
क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने टीम इंडिया में चयन के लिए फिटनेस का पैमाना हाई सेट कर
दिया है और प्रत्येक खिलाड़ी के लिए यो-यो टेस्ट पास करना आवश्यक कर दिया है,
जिसकी वजह से क्रिकेटर्स दिन-रात फिटनेस को लेकर सजग रहने लगे हैं और खान-पान से
लेकर व्यायाम के सभी तौर-तरीकों पर फोकस करने लगे हैं.
हालांकि कुछ पूर्व
क्रिकेटर्स ने इसका पुरजोर विरोध किया है. मास्टर-ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने भी
पूर्व क्रिकटर्स के बयानों का समर्थन किया है और कहा है कि उन्हें डर है कि कहीं
फिटनेस के नाम पर टैलेंटेड खिलाड़ी पूल से बाहर न हो जाएं.
लिटिल
चैंपियन सचिन तेंदुलकर ने अपने बयान में कहा है कि मेरे
वक्त में यो-यो टेस्ट नहीं होता था लेकिन उसी से मिलता-जुलता बीप टेस्ट जरूर होता
था. सचिन ने ये भी कहा कि यो-यो टेस्ट
अहम है लेकिन यही इकलौता मापदंड नहीं होना चाहिए. खिलाड़ी की फिटनेस के साथ-साथ
उसकी क्षमता भी परखनी चाहिए.
अंबाती रायडू हैं ताज़ा उदाहरण
सचिन
तेंदुलकर का ये डर लाजिमी भी है क्योंकि हाल में ही इसतरह के कई मामले देखने को
मिले. इसका ताज़ा उदाहरण अंबाती रायडू हैं, जिनका सीमित ओवर फॉर्मेट के लिए
इंग्लैंड का टिकट बुक हो चुका था लेकिन यो-यो टेस्ट में फेल होने की वजह से टीम से
बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. अंबाती रायडू ने आईपीएल के दौरान चेन्नई सुपरकिंग्स
की तरफ से धमाकेदार प्रदर्शन किया था और चैंपियन बनाने में अहम योगदान दिया था. यो-यो टेस्ट
में नाकाम होने के बाद रायडू की जगह सुरेश रैना ने ली, जो इंग्लैंड दौरे पर टी-20
और वन-डे मैच के दौरान पूरी तरह आउट ऑफ टच दिखे और बल्ले से संघर्ष करते रहे.
मो. शमी भी भुगत चुके हैं खामियाजा
कुछ ऐसा
ही वाकया पेसर मोहम्मद शमी के साथ हुआ, जब अफगानिस्तान के ख़िलाफ़ एकमात्र टेस्ट
मैच के लिए यो-यो टेस्ट में पास नहीं होने की वजह से टीम से बाहर कर दिया गया.
फिलहाल वे अपनी फिटनेस पर फोकस करने के बाद यो-यो टेस्ट पास कर एकबार फिर इंग्लैंड
दौरे पर टीम के साथ जुड़ गये हैं. गौरतलब है कि जनवरी 2018 में जोहानिसबर्ग टेस्ट के
बाद से शमी ने इंटरनेशनल क्रिकेट नहीं खेला है.
संजू सैमसन भी हो चुके हैं शिकार
टीम
इंडिया की पेस बैटरी मोहम्मद शमी की तरह होनहार और युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू
सैमसन को भी यो-यो टेस्ट में पास नहीं होने का खामियाजा भुगतना पड़ा. फिटनेस टेस्ट
में नाकामयाब होने की वजह से इंडिया “ए” के साथ इंग्लैंड टूर पर नहीं भेजा गया.
हालांकि संजू सैमसन ने भी अब NCA में यो-यो टेस्ट पास कर लिया है.
गौती ने यो-यो टेस्ट पर ली थी चुटकी
विदित
है कि यो-यो टेस्ट को लेकर बीते दिनों टीम इंडिया के पूर्व ओपनर गौतम गंभीर ने भी
चुटकी ली थी और बेटी आजीन का एक वीडियो ट्वीट किया था. इस वीडियो में आजीन यो-यो
टेस्ट करते हुए दिख रही थीं. गौती ने इस वीडियो को युवराज सिंह, सचिन तेंदुलकर और
हरभजन सिंह को टैग किया था और पूछा था कि क्या उनकी बेटी ने यो-यो टेस्ट पास कर
लिया है?
क्या है यो-यो टेस्ट
प्लेयर्स की फिटनेस आंकने का पैमाना माने जाने वाले यो-यो
टेस्ट की शुरुआत डेनमार्क फुटबॉल टीम के फिजियो जेंस बेंग्सबो ने की थी. उन्होंने
ही खिलाड़ियों की फिटनेस का एक पैमाना सेट किया था. अब इसी यो-यो टेस्ट को टीम
इंडिया ने भी फिटनेस का पैमाना मान लिया है. ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड
क्रिकेट टीम भी इसी मार्ग पर चल रही हैं. फिलहाल यो-यो टेस्ट ने भारतीय खिलाड़ियों की
मुश्किलें बढ़ा दी हैं.





Master blaster ki baat se bilkul sahmat hu......very well described ....keep posting such a nice articles....
ReplyDeleteSachin is always right. Bcci ko dhyan dena chahiye.
ReplyDeleteSahi kah rahe hai
ReplyDeleteMaster balster sahi kah rahe hai
ReplyDeleteGod is always wright
ReplyDeleteysss ofcrse sachin is right....BCCI should select d cricketers on d basis of talent found in them ,not on d basis of fittness....
ReplyDeleteFitness is important but its should not put above the real talent... Because talent comes in all shape and size
ReplyDeleteHe is right.l like your article.
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