इंग्लैंड
के ख़िलाफ़ वन-डे सीरीज में टीम इंडिया को मिली हार के बाद एकबार फिर क्रिकेट
समीक्षक मुखर हो गये हैं. 2-1 से पटखनी खाने के बाद टीम इंडिया के मध्यक्रम पर अब
सवाल उठने लगे हैं. क्रिकेट पंडितों ने एकसुर में टीम की हार के लिए मिडिल ऑर्डर पर
उंगलियां उठानी शुरू कर दी है. आलोचकों के मुताबिक ऊपरी क्रम के नाकाम होने के बाद
टीम इंडिया का मध्यक्रम पूरी तरह से बिखर गया. सुरेश रैना और टीम इंडिया के
बाहुबली महेन्द्र सिंह धौनी इंग्लैंड टूर पर पूरी तरह से आउट ऑफ फॉर्म नज़र आये.
टीम
इंडिया के प्रदर्शन की सूई पूरी तरह से रोहित शर्मा, शिखर धवन और विराट कोहली के
इर्द-गिर्द घूमती नज़र आयी. जिस मैच में ये तीनों बल्लेबाज चल निकले, उस मैच में
भारतीय क्रिकेट टीम की बल्ले-बल्ले वर्ना थल्ले-थल्ले. फिलहाल वन-डे क्रिकेट में
टीम इंडिया के इसतरह के प्रदर्शन के बाद आगामी विश्वकप की तैयारियों को लेकर फिर
से सवाल खड़े होने लगे हैं.
लिटमस टेस्ट में फेल हुए सुरेश रैना
आईपीएल में धाक जमाने के बाद टीम इंडिया में शामिल
किये गये हैदराबाद के अंबाती रायडू के यो-यो टेस्ट में फेल होने के बाद सुरेश रैना
को इंग्लैंड टूर पर मौका दिया गया था लेकिन यूपी के इस धुरंधर ने मौके पर चौका न
लगा क्रिकेट प्रशंसकों को पूरी तरह से निराश कर दिया.
इंग्लिश जमीन पर टी-20 और वन-डे
क्रिकेट में नाकाम होने के बाद सुरेश रैना को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं क्योंकि
अगले साल इंग्लैंड में विश्व कप आयोजित होना है लिहाजा अभी से ही मध्यक्रम को लेकर
टीम इंडिया को अपने नट-बोल्ट पूरी तरह से कसने होंगे क्योंकि कोई भी टीम शुरुआती
क्रम के दमदार प्रदर्शन के बलबूते विश्व कप नहीं जीत सकती.
क्रिकेट पंडितों ने सुरेश रैना की बल्लेबाजी पर
सवाल खड़े करते हुए कहा कि बीते तीन सालों से सुरेश रैना वन-डे टीम का हिस्सा नहीं
थे लेकिन रायडू की जगह स्क्वॉयड में शामिल किये जाने के बाद भी वे मौके का फ़ायदा
नहीं उठा सके. उनकी बल्लेबाजी बेदम नज़र आयी. वे तेज़ गेंदबाजी के साथ-साथ स्पिन
गेंदबाजी के ख़िलाफ़ भी संघर्ष करते हुए नज़र आये.
टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने भी
टीम इंडिया के प्रदर्शन पर बेबाकी से अपनी राय रखी है और कहा है कि अब वक्त आ गया
है कि सुरेश रैना से आगे की चयनकर्ता सोचें और मध्यक्रम को सॉलिड करने के लिए
विकल्प ढूंढें.
सुरेश रैना का वन-डे में प्रदर्शन:
वन-डे – 3
पारी – 2
कुल रन – 47
नंबर-4 पोजिशन को लेकर उठ रहे सवाल
किसी भी टीम के जोरदार प्रदर्शन में नंबर चार
का अहम योगदान होता है. शुरुआती क्रम के धाराशायी होने के बाद नंबर चार बैट्समैन
को धैर्य के साथ टीम की नैया पार लगानी पड़ती है और जरूरत पड़ने पर बॉलर्स के
ख़िलाफ़ आक्रामक रूख भी अख्तियार करना पड़ता है. ऐसे में नंबर चार पोजिशन के लिए
विदेशी ज़मीन पर अजिंक्य रहाणे या फिर लोकेश राहुल को मौका मिलना चाहिए. हालांकि
इंग्लैंड टूर पर केएल राहुल ने एक शतक जमाकर धमाकेदार शुरुआत भी की थी लेकिन अंतिम
वन-डे आते-आते राहुल पर से टीम मैनेजमेंट का भरोसा पूरी तरह से उठ गया.
टीम प्रबंधन के इस फैसले पर सवाल उठना लाजिमी था.
CAB अध्यक्ष और क्रिकेट कमेंटेटर सौरव गांगुली ने नंबर चार पोजिशन के लिए
लोकेश राहुल की वक़ालत की है और अंतिम एकदिवसीय मैच में स्क्वॉयड में जगह नहीं
मिलने पर हैरानी भी जतायी है.
टीम प्रबंधन पर बरसे दादा
दादा ने टीम प्रबंधन को आड़े हाथों लेते हुए स्पष्ट
कहा कि इसतरह के फैसलों से आखिर कैसे कोई शानदार खिलाड़ी बन पायेगा. सौरव गांगुली
की माने तो नंबर 4 पोजिशन के लिए लोकेश राहुल का हौसला बढ़ाना चाहिए और स्पष्ट
कहना चाहिए कि वे आगामी 15 वन-डे मैचों के लिए नंबर 4 पर खेलेंगे. कोई छेड़छाड़
नहीं की जाएगी और वे अपने खेल का पूरी तरह से लुत्फ लें.
उन्होंने
साफ कहा है कि टीम इंडिया केएल राहुल जैसे खिलाड़ियों को अधिक मौका नहीं दे रहा
है. मुझे चार नंबर पोजिशन पर फिलहाल लोकेश राहुल ही नज़र आ रहा है.
माही पर भी उठने लगे सवाल
टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धौनी
के प्रदर्शन को लेकर भी क्रिकेट समीक्षकों की भौंहें तन गयी हैं. इंग्लैंड टूर पर
वन-डे क्रिकेट में धौनी की धीमी बल्लेबाजी ने चयनकर्ताओं के माथे पर शिकन ला दी
है. वे क्रिकेट के छोटे प्रारूप में संघर्ष करते हुए नज़र आए.
मध्यक्रम
में इनिंग्स बिल्ड करने के साथ-साथ पावर हिटिंग में भी पूरी तरह फ्लॉप रहे. मध्यक्रम
में मिले मौके को भुनाने में माही पूरी तरह से नाकाम रहे.
“प्रिंस ऑफ कोलकाता”
सौरव गांगुली ने भी धौनी पर बेबाकी से अपनी बात रखते हुए कहा है कि माही को नंबर 5
पर आना चाहिए. उन्होंने स्पष्ट कहा कि मध्यक्रम में दबाव पड़ने पर धौनी अब पारी को
संवारने में नाकाम नज़र आते हैं, ऐसे में उन्हें नंबर 5 या 6 पर पावर हिटिंग के
लिए भेजा जाना चाहिए, जिसके लिए माही जाने जाते हैं. धौनी के लिए सौरव गांगुली ने
भी ये भी कहा कि अगर यह विकेटकीपर-बल्लेबाज 2019 विश्व कप के लिए टीम की पसंद है
तो उसे अपने खेल में सुधार करना होगा.
माही का प्रदर्शन:
वन-डे-3
पारी – 2
कुल रन – 79






England me jeetna lohe ke chane chabane jaisa hai... Wo bhi aaj ki english team k khilaf jo ab tak ki sabse majboot english team hai.... So don't worry.... Just chill.... Kam se kam khali hath to nahi aaye....
ReplyDeleteशुक्रिया, मजबूत टीम तो जरूर है लेकिन ऐसा नहीं था कि अंग्रेजों को हराया नहीं जा सकता था. मुख्यतौर पर भारतीय टीम का मौजूदा मध्यक्रम पूर्व की भांति मजबूत नहीं दिखता है. इस सीरीज के दौरान पूरी तरह से लड़खड़ा गया जिसकी वजह से 2-1 से सीरीज गंवानी पड़ी.
Deleteशानदार रिपोर्ट
ReplyDeleteहौसलाफजाई के लिए धन्यवाद
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