भारतीय क्रिकेट के
दो सितारे सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ ने अपने बल्ले की बदौलत कई कीर्तिमान
गढ़े हैं और साथ-साथ बल्लेबाजी करते हुए कई लंबी साझेदारियां कर टीम इंडिया का
बेड़ा पार लगाया है। टीम को मुश्किल हालात से निकालने के लिए दोनों धुरंधर कई
तरकीबें आजमाते थे और कामयाबी भी हासिल करते थे।
दोनों दिग्गजों ने कुछ
ऐसी ही तरक़ीब साल 1999 में न्यूजीलैंड के ख़िलाफ़ भी आजमायी थी, जब कीवी ऑलराउंडर
क्रिस केयर्न्स बॉलिंग के दौरान पूरे शवाब पर थे।
न्यूजीलैंड
के ख़िलाफ़ मोहाली टेस्ट
साल 1999 में न्यूजीलैंड
के ख़िलाफ़ तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला का पहला टेस्ट मैच मोहाली में आयोजित था।
इस श्रृंखला में टीम इंडिया की बागडोर मास्टर-ब्लास्टर के हाथों में थी। पहली पारी
में टीम इंडिया कुल 83 रन के स्कोर पर धड़ाम हो गयी थी और न्यूजीलैंड ने पहली पारी
में कुल 215 रनों का स्कोर खड़ा किया।
असली कहानी टीम
इंडिया की दूसरी पारी में शुरू हुई, जब सचिन और द्रविड़ अनुशासित बल्लेबाजी कर रहे
थे और टीम इंडिया को मुश्किल हालातों से पार लगा रहे थे।
सचिन-द्रविड़
ने लगायी अनूठी तरक़ीब
मोहाली टेस्ट की
दूसरी पारी घटनाविहीन नहीं रही। न्यूजीलैंड के ऑलराउंडर क्रिस केयर्न्स ने रिवर्स
स्विंग का बेहतरीन स्पेल फेंका। वे गेंद के चमकदार हिस्से को इतने बेहतरीन ढंग से
छिपाते थे कि सचिन-द्रविड़ के कुछ पल्ले नहीं पड़ रहा था।
तभी सचिन ने राहुल को एक तरक़ीब सुझायी कि जब वे नान-स्ट्राइक छोर पर खड़े होंगे, तब वे गेंद के चमकदार हिस्से का पता लगाएंगे। अगर चमकदार हिस्सा गेंद की बाहरी तरफ होगा तो वे नान-स्ट्राइकर एंड पर बाएं हाथ में बल्ला पकड़ेंगे, जिससे राहुल को संकेत मिल जाएगा कि गेंद उनसे दूर स्विंग होने वाली है।
अगर चमकदार हिस्सा अंदर
की तरफ़ रहा तो नान-स्ट्राइकर एंड पर सचिन दाएं हाथ में बल्ला थामेंगे ताकि ये
संकेत मिल जाए कि गेंद अंदर की तरफ आने वाली है।
सचिन-द्रविड़ की ये
योजना कारगर साबित हो गयी और जल्द ही दोनों केयर्न्स पर हमला करने में कामयाब रहे।
इस कामयाबी की वजह से ही कीवी ऑलराउंडर ने कुल 24 ओवर में कोई विकेट लिए बिना 76
रन दिए।
नयी
तरक़ीब देख आगबबूला हुए केयर्न्स
सचिन और द्रविड़ की
इन हरक़तों को समझने में क्रिस केयर्न्स को थोड़ा वक्त लगा। दोनों बल्लेबाजों को
हैरान करने के लिए कीवी खिलाड़ी ने क्रॉस-सीम गेंद फेंकी। गेंद की चमक को न देख
सचिन ने बल्ले को बीच में पकड़े रखा ताकि राहुल को पता चल सके कि वे नहीं जानते कि
गेंद किस तरफ स्विंग होने वाली है।
गेंद फेंकने के बाद
क्रिस केयर्न्स ने तुरंत ही नान-स्ट्राइकर पर खड़े सचिन की तरफ मुड़कर देखा कि वे
अब क्या कर रहे हैं और फिर झल्लाते हुए बड़बड़ाने लगे।
सचिन और द्रविड़
द्वारा कीवी ऑलराउंडर के ख़िलाफ़ मिली इस जीत की वजह से ही टीम इंडिया मैच को ड्रॉ
कराने में कामयाब रही। दूसरी पारी में सचिन और राहुल द्रविड़ की शतक की बदौलत टीम
इंडिया ने तीन विकेट के नुकसान पर 505 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।





That's great & inspiring true story. Keep it up.
ReplyDeleteThanks
DeleteMast
ReplyDeletegood one, these two were a treat to watch playing.
ReplyDeleteVery good and factual story. Very nice ...
ReplyDeleteVery good and factual story. Very nice ...
ReplyDeleteबेहतरीन
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