लाइमलाइट
से दूर रहने वाले पूर्व क्रिकेटर राहुल शरद द्रविड़ एकबार फिर सुर्खियों में हैं. त्याग,
तपस्या और समर्पण के मिश्रण से बनी टीम इंडिया की मजबूत दीवार रहे राहुल शरद
द्रविड़ ने देश का नाम रौशन किया है. बेदाग़, शांत और सौम्यता की प्रतिमूर्ति रहे
इस पूर्व क्रिकेटर ने आईसीसी के “हॉल ऑफ फेम” में जगह बना ली है. इस प्रतिष्ठित सूची
में जगह बनाने वाले “द वॉल” पांचवें
भारतीय हैं.
राहुल
शरद द्रविड़ से पहले भारतीय टीम के पूर्व कप्तान बिशन सिंह बेदी, कपिल देव, सुनील
गावस्कर और अनिल कुंबले को ये उपलब्धि हासिल हो चुकी है. “जैमी” इस क्लब में शामिल होने वाले कर्नाटक के दूसरे क्रिकेटर हैं. भारतीय समयानुसार रविवार देर रात
आईसीसी ने डब्लिन (आयरलैंड) में आयोजित समारोह में राहुल द्रविड़ के नाम की घोषणा
की. विदित है कि दुनिया के महान बल्लेबाज सचिन
तेंदुलकर भी इस प्रतिष्ठित लिस्ट में अबतक जगह नहीं बना पाये हैं.
राहुल के साथ पॉन्टिंग भी शामिल
आईसीसी
के हॉल ऑफ फेम में पूर्व भारतीय क्रिकेटर राहुल शरद द्रविड़ के साथ-साथ
ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज बल्लेबाज रिकी पोंटिंग (1995-2012) और इंग्लैंड की पूर्व महिला क्रिकेटर क्लेयर टेलर (1998-2011) को भी हॉल ऑफ फेम में जगह मिली
है.
इस
शानदार उपलब्धि को हासिल करने के बाद आईसीसी द्वारा जारी एक वीडियो संदेश में भी
मिस्टर कूल ने अपनी कूलनेस का एकबार फिर परिचय देते हुए सभी को शुक्रिया कहा है.
राहुल ने अपने संदेश में कहा है कि आईसीसी के हॉल ऑफ फेम के लिए चुना जाना मेरे
लिए बड़ा सम्मान है. मैं ICC को इसके लिए धन्यवाद देता हूं. मेरे क्रिकेटिंग करियर में मदद करने वाले हर
शख्स के लिए ये बहुत बड़ा सम्मान है. सिंपलिसिटी की मूरत राहुल द्रविड़ ने एकबार
फिर अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के साथ-साथ पत्नी, बच्चों, दोस्तों और कोच को
भी दिया है और कहा है कि बचपन से लेकर राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने तक कई कोच ने
मेरा मार्गदर्शन किया है, उनका मैं शुक्रगुजार हूं.
राहुल के मार्गदर्शन में युवाओं ने किया फतह
गौरतलब
है कि इस सम्मान समारोह में राहुल द्रविड़ शिरकत नहीं कर पाये क्योंकि इनदिनों वे
इंडिया “ए”
टीम के साथ इंग्लैंड दौरे पर हैं. उनके मार्गदर्शन में इंडिया “ए” टीम काफी बेहतर प्रदर्शन कर रही है. विदित हो कि
फरवरी 2018 में न्यूजीलैंड में आयोजित U-19 वर्ल्ड कप के
फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को रिमांड पर लेते हुए शानदार जीत हासिल की थी. इस रिकॉर्ड
जीत में राहुल द्रविड़ के 14 महीने की अथक मेहनत थी, जिसे पृथ्वी शॉ के रणबांकुरों
ने सार्थक कर दिखाया था.
रिकॉर्डबुक में राहुल द्रविड़
टेस्ट
क्रिकेट : 164 मैच में कुल 13288 रन
वन-डे क्रिकेट : 344 मैच में कुल 10889
फर्स्ट क्लास : 298 मैच में कुल 23794




Very good presentation. A good work by The wall fan. Keep it up. Rahul Dravid and Dhoni were always your idol..
ReplyDeleteTHANKS FOR MOTIVATION
DeleteAwesome description about 'The Wall'of Indian Cricket. Rahul was splendid as cricketer as well as coach of Junior Indian team. Keep it up writing like this
ReplyDeleteRahul dravid is just not a wall .... He was real gentlemen of the game of cricket.... I salute him.... As a child i didnt like his style of playing but when single handedly won the test match against the mighty australians in australia.... I started adoring him.... Good peice of writing
ReplyDelete👌👌
ReplyDeleteWell deserved for The Wall.
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