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..तब भी विराट की हमसाया थीं अनुष्का और आज भी हैं साथ...





अनुष्का शर्मा तब भी मौजूद थीं और आज भी विराट कोहली के साथ हैं। फ़र्क बस इतना है कि साल 2014 के इंग्लैंड टूर के वक्त बॉलीवुड की ये मशहूर अदाकारा मौजूदा भारतीय कप्तान के साथ प्यार की पींगे लड़ा रही थीं लेकिन अब वे उनकी हमसफ़र हैं, जीवनसंगिनी हैं लिहाजा अब आलोचकों के मुंह पर ताले लग गये हैं। याद कीजिए साल 2014 का इंग्लैंड दौरा, जब विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की जोड़ी मीडिया में लगातार सुर्खियां बटोर रही थीं। उस वक्त विराट कोहली के साथ अनुष्का शर्मा भी इंग्लैंड में साथ थीं लेकिन उस टूर पर बल्ले से बुरी तरह फ्लॉप रहे विराट कोहली को क्रिकेट समीक्षकों के साथ-साथ प्रशंसकों ने ख़राब प्रदर्शन के लिए जमकर लताड़ा था और कोहली की ख़राब बैटिंग के लिए अनुष्का को जिम्मेदार ठहराया था लेकिन चार साल गुज़र जाने के बाद अब सबकुछ बदल गया है, सब सामान्य हो गया है क्योंकि अब विराट के बल्ले ने खामोशी की चादर नहीं ओढ़ी है बल्कि अब आग उगल रहा है। हालांकि अबभी उनकी लवलाइफ साथ हैं। 


आलोचकों को विराट का इशारों में जवाब

नॉटिंघम टेस्ट में इंग्लैड को धूल चटाने के बाद भारतीय कप्तान विराट कोहली ने लेडीलक अनुष्का शर्मा का जिक्र करते हुए कहा था कि जब वो मेरे साथ होती हैं तो हरवक्त सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। स्पेकसेवर्स सीरीज में 2-0 से पिछड़ने के बाद भी वे हरवक्त हौसला बढ़ाती रहीं। परिणाम की चिंता किये बग़ैर अच्छे प्रदर्शन के लिए उकसाती रहीं। विराट कोहली ने अपने इस बयान से इशारों ही इशारों में क्रिकेट आलोचकों को क़रारा जवाब दिया है और ये जताया है कि खिलाड़ी के जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। ख़राब प्रदर्शन के लिए किसी और को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। 

विदित है कि साल 2014 के इंग्लैंड टूर पर टेस्ट सीरीज के दौरान विराट कोहली बुरी तरह फ्लॉप हुए थे और 5 टेस्ट मैचों में कुल 134 रन ही बनाये थे। इस दौरान उनका बेस्ट स्कोर 39 रन था। 10 में से 6 पारियों में कोहली ने दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं किया था, जिसके बाद अनुष्का शर्मा को लेकर उनकी काफी आलोचना हुई थी लेकिन इस असफलता के बाद कोहली ने आलोचकों की बातों को दरकिनार करते हुए ख़ुद की कमजोरी पर फोकस किया और बैटिंग तकनीक को दुरुस्त किया। विराट ने मास्टर-ब्लास्टर की शरण में जाकर तकनीक के साथ-साथ खेल के प्रति मानसिकता भी बदली थी।


बदले-बदले से नज़र आते हैं विराट

साल 2014 के इंग्लैंड दौरे को याद करते हुए विराट कोहली कहते हैं कि उस दौरान उन्होंने ख़ुद पर अधिक दबाव बना लिया था। किसी भी हालत में वहां ढेर सारा रन बनाना चाहता था लिहाजा कई चीजें मेरे दिलोदिमाग पर हावी हो गयी थीं। कोहली के मुताबिक 2014 के दौरे पर मैं इनस्विंगर की अधिक उम्मीद करता था और बॉडी को अधिक खोल देता था लिहाजा आउट स्विंगर को खेलने की हालत में नहीं होता था। हालांकि बाद में मैंने मानसिकता बदली और तकनीक पर काफी काम किया, जिसका परिणाम था कि अगले ऑस्ट्रेलियाई टूर पर मैंने 4 शतक ठोक डाले। 


फिलहाल 2014 की तमाम असफलताओं को पीछे छोड़ते हुए भारतीय कप्तान विराट कोहली का बल्ला अब ढेर सारे रन उगल रहा है। अबतक तीन टेस्ट मैच की छह पारियों में कोहली ने बल्ले से कमाल दिखाते हुए अबतक 2 शतक और दो अर्धशतकों की मदद से कुल 440 रन बना लिये हैं। अभी दो टेस्ट मैच शेष हैं लिहाजा उम्मीद की जा सकती है कि आने वाले मैचों में भी कोहली अपनी लेडीलक की मौजूदगी में धमाल मचाएंगे और आलोचकों को क़रारा जवाब देंगे।  

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7 comments:

  1. अब बदल गयी है मानसिकता

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  2. Virat ne sahi kiya... Bekar ki bato per dhyan nahi diya

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  3. क्रिकेट पे ध्यान दो 2 टेस्ट हारे हो अनुष्का भागी नही जा रही है।👍

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