टीम
इंडिया के कप्तान और रन मशीन कोहली ने एजबेस्टन टेस्ट में “विराट” पारी खेलकर आलोचकों के साथ-साथ विरोधियों को भी क़रारा जवाब दिया है.
तकनीक के साथ-साथ मानसिक रूप से दृढ़ दिल्ली के इस छोरे ने सात समंदर पार एकबार
फिर झंडे गाड़ दिये हैं. अंग्रेजों की मांद में घुसकर विराट द्वारा खेली गयी इस अनुशासित बल्लेबाजी के काफी मायने हैं.
दरअसल, 4
साल पहले इंग्लैंड की धरती पर एंडरसन एंड कंपनी के आगे चारों खाने चित्त होने वाले
इस धुरंधर खिलाड़ी की चहुंओर आलोचना की गयी थी. सीम और स्विंग होती गेंदों पर उनकी
कमजोरियों को जगजाहिर किया जा रहा था और हर मीडिया प्लेटफॉर्म पर काफी आलोचना की
जा रही थी लेकिन विराट ने सारी कमजोरियों से पार पाते हुए आखिरकार साल 2018 में
किला फतह कर लिया.
काम आयी मास्टर-ब्लास्टर की टिप्स
ग़ौरतलब
है कि विराट द्वारा साल 2014 में इंग्लैंड दौरे पर खेली गयी ख़राब पारियों की बड़ी
वजह उनका आउट साइड द ऑफ स्टंप एक्सपोज होना था. उस दौरान उनका फुटवर्क काफी ख़राब
था लेकिन इन सबसे निजात पाने के लिए कोहली ने अपने मेंटर सचिन तेंदुलकर की शरण ली
थी और इंग्लैंड दौरा ख़त्म होते ही मास्टर-ब्लास्टर के पास जाकर अपनी कमजोरियों को
दूर किया था. इस दरम्यान लिटिल चैंपियन ने भी उनका भरपूर साथ दिया था जिसका नतीजा
था कि आगामी ऑस्ट्रेलिया टूर पर टीम इंडिया के कप्तान ने टेस्ट सीरीज के दौरान चार
शतक ठोक डाले थे.
इंग्लिश बॉलर्स की उड़ायी धज्जियां
हालांकि एजबेस्टन
टेस्ट के दौरान विराट कोहली शुरुआती दौर में काफी संघर्ष करते दिखे. वे एकबार फिर
धाकड़ गेंदबाज जेम्स एंडरसन की गेंदों पर लड़खड़ाते दिखे लेकिन 21 और 50 रनों के
निजी स्कोर पर मिले जीवनदान का फ़ायदा उठाते हुए धैर्यपूर्वक 149 रनों की विराट
पारी खेल दी. इस शतकीय पारी के दौरान विराट का जबरदस्त टेंपरामेंट, तकनीक देखने को
मिली. वे मैदान के मध्य में लगातार टिके रहने की जद्दोजहद कर रहे थे लेकिन टीम के
दूसरे साथी गैरजिम्मेदाराना शॉट खेलकर पवेलियन की राह नाप रहे थे.
विराट
कोहली ने अपनी इस शतकीय पारी के दौरान 8वां विकेट गिरने का बाद गियर चेंज किया. पुछल्ले
बल्लेबाज इशांत शर्मा और उमेश यादव के साथ अहम साझेदारियां निभायीं और इंग्लैंड
में अपना पहला टेस्ट शतक भी पूरा किया.
ख़ास क्लब में शामिल हुए विराट
विराट
कोहली ने एजबेस्टन टेस्ट के दौरान ढेरों रिकॉर्ड भी अपने नाम किये. टीम इंडिया के
कप्तान अब एक ख़ास क्लब में शामिल हो गये हैं. वे विदेश के चार बड़े देशों में
जाकर टेस्ट शतक लगाने वाले चौथे इंडियन हो गये हैं. पूर्व में इस क्लब में तीन
भारतीयों का नाम था. दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की
बाउंसी और स्विंग होती पिचों पर अबतक सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और मोहम्मद
अजहरुद्दीन ने सैकड़ा जड़ा था लेकिन अब विराट कोहली भी इस क्लब के हिस्सा हो गये
हैं.
एजबेस्टन टेस्ट में बने “विराट” रिकॉर्ड पर
एक नज़र
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इंग्लैंड की धरती पर शतक मारने वाले तीसरे भारतीय कप्तान बने विराट
कोहली.
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इंग्लैंड की सरजमीं पर अबतक भारतीय कप्तान की दूसरी सबसे बड़ी पारी
·
इंग्लैंड में सबसे बड़ी पारी भारतीय कप्तान द्वारा खेलने का रिकॉर्ड मो.
अजहरुद्दीन के नाम है.
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अजहर ने साल 1990 में मैनचेस्टर में 179 रनों की पारी खेली थी.
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मंसूर अली खान पटौदी ने 148 रनों की पारी खेली है.
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कोहली ने करियर की 22वीं सेंचुरी लगा सचिन को पीछे छोड़ा
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सचिन ने 22 शतक के लिए 114 पारियां खेली थी, वहीं विराट ने ये कारनामा
113 पारियों में कर दिखाया. इस मामले में रिकॉर्ड सर डॉन ब्रैडमैन के नाम है,
जिन्होंने 58 पारियों में 22 शतक लगाये थे, दूसरे नंबर पर सुनील गावस्कर(101 पारियां)
हैं.
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बतौर कप्तान ये विराट कोहली का 15वां शतक है. इस मामले में उन्होंने
स्टीव वॉ और एलन बॉर्डर की बराबरी की है.
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बतौर कप्तान सर्वाधिक शतकों का रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीका के ग्रीम स्मिथ
के नाम है, जिन्होंने अपनी कप्तानी के दौरान कुल 25 शतक ठोकें हैं. रिकी पोंटिंग (19
शतक) दूसरे नंबर हैं.
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एजबेस्टन टेस्ट की पारी के दौरान कोहली ने कप्तान के तौर पर सबसे तेजी
से रन बनाने के मामले में कैरेबियाई दिग्गज ब्रायन लारा को भी पीछे छोड़ दिया है.




ओके
ReplyDeleteBahut hi behtreen suruwat hai
ReplyDeleteForm barkarar rhe
ReplyDeletesprbbbb bating👏.......really virat kohli is "THE RUN MACHINE"😂we luv uhh captain....keep it up👍
ReplyDeleteSriman prasoon ji kohli ne kal tabartod nahi anushasit or dharyapoorn ballebaji ki hai.... Isiliye sabdo ka chayan dhayan poorvak kare
ReplyDeleteश्रीमान जी, शुरुआत में जरूर धैर्यपूर्वक और संघर्ष किया लेकिन आठवें विकेट के पतन के बाद ताबड़तोड़ ही किया है. मैंने आलेख में संघर्ष का जिक्र भी किया है और आठवें विकेट के पतना का भी. एकबार फिर गौर से पढ़ें।
Deleteमहोदय इन पंक्तियों पर ध्यान दें-
एजबेस्टन टेस्ट के दौरान विराट कोहली शुरुआती दौर में काफी संघर्ष करते दिखे. वे एकबार फिर धाकड़ गेंदबाज जेम्स एंडरसन की गेंदों पर लड़खड़ाते दिखे लेकिन 21 और 50 रनों के निजी स्कोर पर मिले जीवनदान का फ़ायदा उठाते हुए धैर्यपूर्वक 149 रनों की विराट पारी खेल दी. विराट कोहली ने अपनी इस शतकीय पारी के दौरान 8वां विकेट गिरने का बाद गियर चेंज किया.
Waise apkne article sahi likha maza aa gaya padh ke
ReplyDeleteAccha laga article
ReplyDeleteWah.....awesome....👍🏻👍🏻
ReplyDeleteNice article
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