जिस बात
की आशंका थी, आखिरकार आगाज़ भी वैसा ही हो गया. जी हां, इंग्लैंड के ख़िलाफ़ टेस्ट
सीरीज शुरू होने से पूर्व हर भारतीय के मन में ये कुलबुलाहट थी कि क्या इस मर्तबा
हमारी टीम पुराने मिथक को तोड़ पाएगी? क्या हम फिर से साल 2007 वाले प्रदर्शन को दोहरा
पायेंगे या घर में शेर और विदेशी जमीन पर ढेर होने की कहावत को फिर से चरितार्थ
करेंगे. इसका जवाब कुछ हद तक एजबेस्टन टेस्ट ख़त्म होने के बाद क्रिकेट प्रशंसकों
को मिल गया. ये बेहद गंभीर बात है कि आखिरकार घरेलू मैदान पर रिकॉर्ड का
पहाड़ खड़ा करने वाले हमारे जाबांज क्यों सीम और स्विंग होती पिचों पर भीगी बिल्ली
बन जाते हैं? 200 रनों का कुल स्कोर बनाना भी उनके लिए टेढ़ी
खीर बन जाती है.
क्रिकेट
समीक्षकों की माने तो टेस्ट मैच फतह करने के लिए टेंपरामेंट के साथ-साथ तकनीक की
भी जरूरत होती है, जो शायद विदेशी सरजमीं पर भारतीय बल्लेबाजों में नहीं दिखती है.
ख़ासकर इंग्लैंड जैसे कंडीशन में, जहां पलभर में ही मौसम का रूख बदलते रहता है. यहां के विकेटों पर सॉलिड डिफेंस के साथ-साथ आउट साइड द ऑफ स्टंप गेंद
छोड़ने की कला भी आनी चाहिए लेकिन ताबड़तोड़ क्रिकेट की वजह से बल्लेबाज तकनीक को
परे रख हर गेंद पर आड़े-तिरछे बल्ले अड़ा देता है, जिसकी वजह से टीम की लुटिया
डूब रही है.
एजबेस्टन टेस्ट में कंडीशन
की बात करें तो ग्राउंड में बिल्कुल एयरकंडीशन तापमान था. यहां सर्वाधिक 23 डिग्री
और न्यूनतम 17 डिग्री सेल्सियस टेंपरेचर था. मौसम ओवरकास्ट होने की वजह से इंडियन
टीम ने एक एक्स्ट्रा सीमर भी प्लेइंग 11 में शामिल किया था, जिसका फ़ायदा भी मिला
लेकिन बल्लेबाजों ने बेड़ा गर्क कर दिया. क्रिकेट समीक्षकों के मुताबिक पिच पर
उतनी घास नहीं थी, जितनी पूर्व के टेस्ट सीरीज में हुआ करती थी. विकेट में कुछ खास
मदद भी नहीं थी लेकिन कंडीशन की वजह से गेंदे लहरा रही थीं लिहाजा विराट कोहली को
छोड़कर शेष भारतीय बल्लेबाजों को कुछ सूझ नहीं रहा था.
गेंद छोड़नी है बड़ी कला : गावस्कर
पूर्व
क्रिकेटर और दिग्गज सुनील मनोहर गावस्कर की माने तो गेंद छोड़ना एक बहुत बड़ी कला
है. ये हर किसी के बूते की बात नहीं है, ख़ासकर टेस्ट क्रिकेट में, जहां गेंदें
काफी हिलती-डुलती हैं. लिटिल मास्टर के मुताबिक मौजूदा दौर में हर क्रिकेटर बाहर
की गेंदों को भी बाउंड्री पार पहुंचाने की फिराक में रहता है. ये असर क्रिकेट के
छोटे प्रारूप की वजह से हो रहा है. उनका साफ कहना है कि विदेशों में टीम इंडिया के
बल्लेबाजों के फुस्स होने का एकमात्र कारण है- टेक्निकल प्रॉब्लम.
उन्होंने
बल्लेबाजों के इस घटिया प्रदर्शन के लिए प्रबंधन को भी जिम्मेदार ठहराया और कहा कि
एजबेस्टन टेस्ट में हार ओवर कांफिडेंस की वजह से भी हुआ है. उन्होंने वन-डे सीरीज
ख़त्म होने के बाद दो हफ्ते के मिले ब्रेक का जिक्र किया और कहा कि 14 दिनों में
टीम इंडिया ने मात्र एक तीन दिवसीय मैच खेलकर ये कैसे सोच लिया कि हम इंग्लिश
गेंदबाजों से पार पा लेंगे. नेट प्रैक्टिस अलग चीज होती है जबकि मैच प्रैक्टिस
अलग. उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर आप इंग्लैंड में आउट साइड द ऑफ स्टंप की गेंद
नहीं छोड़ सकते तो आप किसी भी कीमत पर रन नहीं बना सकते.
स्विंग के आगे ‘गब्बर’ धड़ाम
सुनील
गावस्कर की इन बातों में सच्चाई है. अगर शिखर धवन, दिनेश कार्तिक और हार्दिक
पंड्या के आउट होने पर गौर करें तो सभी ने टिपिकल इंडियन शॉट खेला और पवेलियन की
राह पकड़ी. पहली पारी में शिखर धवन के आउट होने पर ध्यान दें तो इंग्लैंड की नयी
सनसनी बनकर उभरे सैम करन ने पहले उन्हें आउट साइड द आफ स्टंप सेटअप किया और फिर एक
बेहतरीन BANANA SWING पर छकाते हुए
स्लिप में खड़े डेविड मलान को कैच थमा दिया.
शिखर ने एजबेस्टन टेस्ट में पूरी तरह
से क्रिकेट प्रशंसकों को निराश किया. उन्होंने विकेट के आगे ही नहीं बल्कि विकेट के
पीछे यानी स्लिप में फील्डिंग करते हुए भी निराश किया. दूसरी पारी में गब्बर ने फर्स्ट
स्लिप में फील्डिंग करते हुए सैम करन और आदिल रशीद का कैच ड्रॉप किया. विदित है कि
दूसरी पारी में सैम करन और आदिल रशीद की पार्टनरशिप ने ही भारत के हाथों से मैच
छीन लिया.
फिलहाल
अगले टेस्ट मैच से पूर्व टीम प्रबंधन को ओपनिंग के मसले पर काफी गंभीरता से विचार
करना होगा क्योंकि ये सर्वविदित है कि शिखर धवन (श्रीलंका और बांग्लादेश को छोड़कर)
विदेशी सरजमीं पर रन बनाने में हमेशा से नाकाम रहे हैं. वे टेस्ट मैच में भी फटाफट अंदाज
में बैटिंग करते दिखते हैं. तीसरे नंबर पर चेतेश्वर पुजारा पर एकबार फिर से विचार
करना होगा क्योंकि पुजारा ने हाल ही में काउंटी क्रिकेट खेला है, जिसका अनुभव उनके
पास है. हालांकि बीते कुछ दिनों से उनका भी बल्ला खामोश है.
गेंदबाजी
की बात करें तो बॉलर्स ने बल्लेबाजों को मैच बनाकर दिया है. उन्होंने उम्दा
प्रदर्शन करते हुए कुल 20 विकेट भी चटकाये हैं लेकिन बल्लेबाजों ने उनके सभी किये
कराये पर पानी फेर दिया. फिलहाल हर बार की तरह एकबार फिर प्रत्येक भारतीय प्रशंसक
अगले टेस्ट मैच पर टकटकी लगाये होगा और इस उम्मीद में होगा कि इस मर्तबा तो हमारी
टीम कोई लचीला प्रदर्शन नहीं करे और अंग्रेजों से एजबेस्टन टेस्ट का लगान वसूल
करे.




Agla match India jarur jitegi
ReplyDeleteBad news.....but hope for next time...
ReplyDeleteso sad....but hope so next tym india will win....india india🤗
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