Follow on Google+

टीम इंडिया ने कर दी ये बड़ी गलती, कहीं भारी न पड़ जाए ये MISTAKE, क्रिकेट के दिग्गज भी हैरान





भारत और इंग्लैंड के बीच बहुप्रतीक्षित स्पेकसेवर्स टेस्ट सीरीज की आखिरकार शुरुआत हो गयी. दोनों टीमें एजबेस्टन में मैदान फतह करने के इरादे से ग्राउंड में उतर चुकी हैं. हालांकि इस मर्तबा दोनों टीमों की तरफ से तस्वीर कुछ बदली-बदली सी नज़र आयी, जो क्रिकेट प्रेमियों के साथ-साथ समीक्षकों को भी हैरत में डाल गयी. दरअसल, टीम इंडिया ने बर्मिंघम टेस्ट मैच में अपने सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा को बेंच पर बैठा दिया, वहीं, इंग्लैंड ने हरफनमौला खिलाड़ी और स्पिनर मोइन अली को भी प्लेइंग इलेवन से बाहर का रास्ता दिखा दिया. 

केएल राहुल इन, पुजारा आउट

दोनों टीमों के इस फैसले ने एकबारगी क्रिकेट प्रशंसकों को चौंका दिया है. हालांकि कई लोगों ने भारतीय टीम प्रबंधन के इस फैसले पर खुशी भी जतायी है. क्रिकेट फॉलोअर्स का कहना है कि बीते कुछ वक्त से चेतेश्वर पुजारा आउट ऑफ फॉर्म हैं. दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ खेली गयी पिछली टेस्ट सीरीज में भी पूरी तरह से नाकाम रहे थे और तीन टेस्ट मैच की सीरीज में 16.66 की मामूली औसत से कुल 100 रन ही बटोर सके थे. उसके बाद काउंटी क्रिकेट में भी उनका बल्ला खामोशी की चादर ओढ़े रहा. प्रैक्टिस मैच में भी इस बल्लेबाज ने प्रशंसकों को निराश किया था, वहीं लोकेश राहुल एक के बाद एक धुआंधार बैटिंग कर रहे हैं और टीम मैनेजमेंट का भरोसा जीतने में कामयाब भी रहे हैं लिहाजा कोच रवि शास्त्री और कप्तान विराट कोहली ने पुजारा के ऊपर केएल राहुल को तरजीह देते हुए अंतिम एकादश में शामिल कर लिया. 


पुजारा के बग़ैर आंकड़ें नहीं देते जीत की गवाही 

हालांकि आंकड़े टीम इंडिया के इस फैसले की गवाही नहीं देते. रिकॉर्डबुक पर नज़र डालें तो दिलचस्प आंकड़े सामने आते हैं. चेतेश्वर पुजारा की गैरमौजूदगी में टीम इंडिया का प्रदर्शन साधारण हो जाता है, जीत का स्तर अचानक से गिर जाता है. आंकड़ों पर गौर करें तो पुजारा के बग़ैर टीम इंडिया ने कुल 23 टेस्ट मैच खेले हैं, जिनमें मात्र 6 मैचों में ही जीत नसीब हुई है जबकि 10 टेस्ट मैचों में हार का सामना करना पड़ा है. 7 टेस्ट मैच ड्रॉ हुए हैं लेकिन जब-जब चेतेश्वर पुजारा अंतिम एकादश के हिस्सा रहे हैं, तब-तब टीम इंडिया ने झंडा गाड़ा है.

अबतक 58 टेस्ट मैचों में चेतेश्वर पुजारा ने देश का प्रतिनिधित्व किया है. इनमें टीम इंडिया ने 33 मैच जीते हैं जबकि 12 में हार. इस भरोसेमंद बल्लेबाज के टीम में शामिल होने के बाद विजयी प्रतिशत 56.90 हो जाता है. हालांकि ऐसा लगता है कि भारतीय प्रबंधन ने इन आंकड़ों पर गौर करने की बजाय खिलाड़ियों के मौजूदा फॉर्म पर अधिक फोकस किया है. अगर ऐसा है तो सर्वप्रथम टीम इंडिया के गब्बर यानी शिखर धवन की जगह प्लेइंग इलेवन में नहीं बनती है क्योंकि टेस्ट मैच में वे विदेशी पिचों पर (श्रीलंका, बांग्लादेश को छोड़कर) सिर्फ कागजी शेर होते हैं. बर्मिंघम टेस्ट से पूर्व अभ्यास मैच की बात करें तो धवन दोनों पारियों में शून्य पर आउट हुए. इस दौरान उन्होंने कुल 5 गेंदों का भी सामना भी नहीं किया था. 

फिलहाल टीम मैनेजमेंट के इस फैसले को देख ऐसा लगता है कि कप्तान विराट कोहली के जिगरी यार  होने के नाते एकबार फिर शिखर धवन पर गाज न गिरकर चेतेश्वर पुजारा पर ठीकरा फोड़ दिया गया है. 


अंग्रेजों के फैसलों ने किया हतप्रभ

अब अगर अंग्रेजों की बात करें तो मोइन अली को अंतिम एकादश से बाहर करने के फैसले ने सभी को चौंका दिया है. दरअसल, टेस्ट मैचों में मोइन अली एक बल्लेबाज के साथ-साथ एक विशेषज्ञ स्पिनर के तौर पर सेवाएं देते रहे हैं लेकिन पिछले वन-डे सीरीज के दौरान लेग स्पिनर आदिल रशीद की एक बेहतरीन गेंद ने मैनेजमेंट के साथ-साथ चयनकर्ताओं का भी नजरिया बदल दिया. 

एकदिवसीय सीरीज के दौरान रशीद ने भारतीय कप्तान विराट कोहली को अपनी उंगलियों पर नचा दिया था और उन्हें क्लीनबोल्ड कर दिया था. इस गेंद से इंग्लैंड के चयनकर्ताओं की बांछे खिल गयी और रेगुलर स्पिनर मोइन अली पर आदिल रशीद को तरजीह दे दी. 

विदित है कि आदिल रशीद ने पिछले कुछ सालों से फर्स्ट क्लास क्रिकेट में लाल गेंद को हाथ तक नहीं लगाया है, ऐसे में अचानक से मोइन अली पर आदिल रशीद को तरजीह देना कुछ समझ से परे दिखता है. हालांकि ये तो अब भविष्य के गर्भ में है कि दोनों टीमों द्वारा लिये गये इन अजीबोगरीब फैसले के क्या नतीजे निकलते हैं?   
SHARE
  • Image
  • Image
  • Image
  • Image
  • Image
    Blogger Comment
    Facebook Comment

6 comments:

  1. इसमें कोई शक नही की पुजारा एक बेहतरीन टेस्ट प्लयेर है पर टेस्ट मैच प्रदर्शन और टेम्परामेंट के बल पर चलता है

    ReplyDelete
  2. मुझे नही लगता पुजारा को हटाकर टीम मैनेज मेन्ट ने कोई गलती की है

    ReplyDelete
  3. no doubt about that pujaara is d bst cricketer....bt atleast one chance should be also given to KL rahul....

    ReplyDelete
  4. Nice article......👍🏻👍🏻

    ReplyDelete

loading...