साउथैम्पटन टेस्ट
मैच में जिसकी आशंका थी, आखिरकार वही हो गया। जी हां, ढाई दिनों तक चौथे टेस्ट मैच
में दबदबा कायम रखने के बावजूद एक बार फिर टीम इंडिया धाराशायी हो गयी है। पूर्व
की तरह एकबार फिर बल्लेबाजों ने दग़ा दे दिया और टेस्ट मैच हारकर सीरीज भी गंवा
बैठे। साउथैम्पटन टेस्ट में इंग्लैंड की तरफ से सीरीज में पहला मैच खेल रहे मोइन
अली और सैम करन ने बड़ा अंतर पैदा किया। यूं कहे तो दोनों खिलाड़ियों ने टीम
इंडिया के मुंह से जीत छीन ली।
इंग्लैंड
ने भारत के जबड़े से छीना मैच
दरअसल, टेस्ट मैच के
पहले दिन टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम भारतीय तेज़ गेंदबाजों के
आगे नतमस्तक होती दिखी। 86 रनों के कुल योग पर इंग्लैंड के छह विकेट गिर चुके थे
लेकिन मोइन अली और ऑलराउंडर सैम करन ने मोर्चा संभाला और टीम को सम्मानजनक स्कोर
तक पहुंचाया। इन दोनों की पार्टनरशिप के दौरान ही ये अहसास हो गया था कि आने वाले
वक्त में ये रन टीम इंडिया पर भारी पड़ेंगे। हुआ भी कुछ वैसा ही। हालांकि कोहली की
टोली ने चेतेश्वर पुजारा के दमदार शतक के बाद पहली पारी में 271 रनों का स्कोर
खड़ा किया और 27 रनों की लीड ले ली। उसवक्त ऐसा लग रहा था कि टीम इंडिया के लिए
यही लीड संजीवनी का काम करेगी लेकिन हुआ ठीक इसके उलट।
सैम करन -
बटलर का क़रारा जवाब
दूसरी पारी में इंग्लैंड
के शुरुआती बल्लेबाज इंडिया की पेस बैटरी के आगे एक मर्तबा पानी भरते नज़र आये।
आउट ऑफ फॉर्म चल रहे पूर्व कप्तान एलिस्टर कुक ने एकबार फिर निराश किया और 12 रनों
के निजी स्कोर पर यॉर्कर किंग जसप्रीत बुमराह के शिकार हो गये। उसके बाद पहली पारी
में 40 रनों का बहुमूल्य योगदान देने वाले मोइन अली को बैटिंग ऑर्डर में प्रोमोट
किया गया लेकिन ये तरकीब काम नहीं आयी, वे सस्ते में ही (9 रन) इशांत शर्मा के
शिकार हो गये। इसतरह एकबार फिर इंग्लैंड की पारी लड़खड़ाती हुई दिख रही थी लेकिन
जेनिंग्स और कप्तान जो रूट ने पारी को संभाला और 59 रनों की छोटी लेकिन अहम
साझेदारी की।
इन दोनों के आउट होने के बाद अंग्रेज एकबार फिर डगमगाते दिखे लेकिन मध्यक्रम
में जॉस बटलर और बेन स्टोक्स ने अच्छे शॉट्स खेलते हुए इंग्लैंड की डूबती नैया को दृढ़ता
के साथ मंझधार से निकाल ले गये। इसके बाद की रही सही कसर एकबार फिर बैटिंग
ऑलराउंडर सैम करन ने पूरी कर दी। करन ने एकबार फिर पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ अहम
साझेदारियां करते हुए 46 रनों का अहम योगदान दिया। जॉस बटलर ने भी अर्धशतकीय (69) पारी
खेली और टीम इंडिया के सामने 245 रनों का लक्ष्य दिया।
स्विंग-स्पिन के आगे धड़ाम हुई टीम इंडिया
इस लक्ष्य का पीछा
करते हुए टीम इंडिया पूर्व की भांति शुरुआत में ही लड़खड़ा गयी, जब 4 रनों के कुल
योग पर लोकेश राहुल ने स्टुअर्ट ब्रॉड की फुल लेंथ की गेंद को बैकफुट पर जाकर
खेलने की कोशिश की और गेंद उनकी गिल्लियां बिखेर गयी। राहुल बग़ैर खाते खोले
पवेलियन लौट गये। इसके बाद पहली पारी के हीरो चेतेश्वर पुजारा दूसरी पारी में कुछ
ख़ास नहीं कर पाये और एंडरसन की बेहतरीन इनस्विंगर पर चारों खाने चित्त हो गये और
पगबाधा क़रार दिये गये। इसके बाद गब्बर ने भी रही सही कसर पूरी कर दी। इसतरह 22
रनों पर तीन विकेट गंवाकर टीम इंडिया बैकफुट पर आ गयी। हालांकि विराट कोहली और
अजिंक्य रहाणे ने 101 रनों की अहम साझेदारी कर जीत की उम्मीद बंधा दी थी लेकिन
कप्तान के आउट होते ही शेष बल्लेबाज तू चल मैं आया की तर्ज पर पवेलियन की राह
नापते दिखे। विराट और रहाणे ने दूसरी पारी में हाफ सेंचुरी लगायी।
अचरज की बात ये हैं
कि कप्तान विराट कोहली के आउट होने के बाद किसी भी बल्लेबाज ने क्रीज पर टिकने की
जहमत नहीं उठायी। हार्दिक (0), पंत (18), अश्विन (25), शमी (8), इशांत शर्मा (0)
एकबार फिर फ्लॉप हुए और पूरी टीम 184 रनों के कुल स्कोर पर धाराशायी हो गयी।
इस टेस्ट सीरीज के दौरान टीम इंडिया के गेंदबाजों के प्रदर्शन को सराहा जाना
चाहिए। हर टेस्ट मैच में गेंदबाजों ने मैच को बनाया है लेकिन नाकाम बल्लेबाजों ने
उसपर पानी फेर दिया है।
मोइन की
उंगलियों पर नाचे भारतीय बल्लेबाज
वहीं, इंग्लैंड की
तरफ से पहली पारी में 5 विकेट चटकाने वाले मोइन अली ने दूसरी पारी में 4 विकेट
लेकर भारतीय टीम की कमर तोड़ दी। साउथैम्पटन टेस्ट में मोइन अली ने बेहतरीन
हरफनमौला खेल का प्रदर्शन किया और मैन ऑफ द मैच रहे। मोइन अली ने दूसरी पारी में
कोहली, रहाणे, ऋषभ पंत और मोहम्मद शमी का अहम विकेट लिया।
हार के
बाद उठने लगे सवाल
- इस हार के बाद एकबार फिर ये सवाल खड़े होने लगे हैं कि क्या फटाफट क्रिकेट का असर टीम इंडिया के बल्लेबाजों पर दिखने लगा है?
- स्पिन खेलने में तकनीक रूप से दक्ष भारतीय बल्लेबाज आखिर क्यों मोइन अली जैसे ऑफ स्पिनर के आगे चारों खाने चित्त हो जाती है?
- साल 2014 टूर पर भी एंडरसन के साथ-साथ मोइन अली ने भारतीय बल्लेबाजों को काफी परेशान किया था, जिसका तोड़ अबतक भारतीय टीम नहीं ढूंढ पायी है?
- पाटा विकेट पर रनों की बरसात और रिकॉर्ड की झड़ी लगाने वाले भारतीय बल्लेबाजों को सीम और स्विंग वाली कंडीशन में क्यों सांप सूंघ जाता है?
- विराट कोहली को छोड़ कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर आखिर क्यों नहीं टिक पाता है?
- ऑलराउंडर के नाम पर हार्दिक पांड्या को कबतक भारतीय टीम ढोती रहेगी?
फिलहाल इसतरह के कई
सवाल अब भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों को चुभने लगे हैं कि आखिर कब भारतीय टीम घर के
शेर वाला टैग हटा विदेशों में भी हिन्दुस्तान का डंका बजायेगी।




हर भारतीय क्रिकेट प्रशंसक मायूस
ReplyDeleteVery bad that's called indiaI looser.
ReplyDeleteNirashajanak pradarshan
ReplyDeleteRequired reassessment of playing 11 Need to introduce new players
ReplyDeleteIndians aren't able for test matches actually.
ReplyDeleteNice story as well ...
Indians aren't able for test matches actually.
ReplyDeleteNice story as well ...
its really vrry bad....but still hope best in nxt tym.......
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