बलखाती गेंदों के बल
पर एशिया कप में धुर विरोधी पाकिस्तान टीम के मीडिल ऑर्डर के पांव उखाड़ने वाले
केदार जाधव ने अपनी बॉलिंग की सफलता के राज खोले हैं। पुणे के रहवासी केदार जाधव
की माने तो वे नेट प्रैक्टिस के दौरान गेंदबाजी का अभ्यास नहीं करते। यहीं उनकी
सफलता का मूलमंत्र है। उन्होंने अपनी बेहतरीन गेंदबाजी का श्रेय टीम इंडिया के
पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धौनी को देते हुए कहा कि माही भाई की वजह से ही मैं
गेंदबाजी में भी अहम योगदान दे पा रहा हूं।
गेंदबाजी
पर नहीं करता फोकस: जाधव
एशिया कप में
पाकिस्तान के मध्यक्रम को तहस-नहस करने वाले केदार जाधव की माने तो साल 2016 में
न्यूजीलैंड के ख़िलाफ़ अहम मुक़ाबले में कप्तान महेन्द्र सिंह धौनी ने उन्हें पहली
मर्तबा गेंदबाजी सौंपी थी, जिसपर वे पूरी तरह से खरे उतरे और तभी से ही उनकी
जिंदगी पूरी तरह से बदल गयी।
पाकिस्तान के ख़िलाफ़ मिली अहम जीत के बाद प्रेस
कांफ्रेंस के दौरान केदार जाधव ने साफगोई से अपनी बात रखते हुए कहा कि मैच की
शुरुआत से पूर्व मैं प्रैक्टिस के दौरान एक-दो ओवर बॉलिंग करता हूं लेकिन आमतौर पर
मैं नेट प्रैक्टिस में गेंदबाजी नहीं करता। बकौल केदार जाधव, उन्हें लगता है कि वे
नेट प्रैक्टिस के दौरान अधिक गेंदबाजी करेंगे या गेंदबाज बनने की कोशिश करेंगे तो
जो कुछ है, कहीं वो पीछे छूट न जाएं लिहाजा वे गेंदबाजी की प्रैक्टिस नहीं
करते, सीमित रहते हैं।
केदार ने कर दिया कमाल
विदित है कि पार्ट टाइम ऑफ
स्पिनर केदार जाधव ने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ अहम मैच में कमाल की गेंदबाजी करते हुए
9 ओवर में 23 रन देकर तीन विकेट झटके थे। इस दौरान एक मेडन ओवर भी डाला था। जाधव ने कप्तान सरफराज अहमद (6), आसिफ अली (9) और शादाब ख़ान (8) को अपना शिकार बनाकर पाकिस्तान की पारी
को तहस-नहस कर दिया था। जाधव ने अबतक 42 मैचों में 29.63 की औसत से कुल 19 विकेट झटके हैं। उन्होंने 19 सितंबर को पाकिस्तान के ख़िलाफ़ (23 रन देकर 3 विकेट) करियर की बेहतरीन गेंदबाजी की।



कमाल के हैं केदार
ReplyDeletesuperb. ....
ReplyDeleteWah.....kya baat hai....very nice 👌🏻
ReplyDeleteBhai kedar all-rounder too nahi banne ki koshish kar rahe ho
ReplyDeletegrt.....👏🏼keep it up...
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