इंग्लैंड के ख़िलाफ़
टेस्ट सीरीज में मिली करारी हार के बाद क्रिकेट बिरादरी में चौतरफा बवाल मचा हुआ है।
ओवरसीज में टीम इंडिया की नाकामी को लेकर पूर्व दिग्गज क्रिकेटरों में भी नाराजगी
है। इस बीच टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने राहुल द्रविड़ के बल्लेबाजी
सलाहकार बनने को लेकर खुलासा किया है और हेडकोच रवि शास्त्री पर जमकर हमला बोला
है।
‘बल्लेबाजी
सलाहकार के लिए तैयार थे द्रविड़’
‘प्रिंस ऑफ कोलकाता’ सौरव
गांगुली ने खुलासा करते हुए कहा है कि रवि शास्त्री के हेडकोच बनने के बाद विदेशी
टूर के लिए राहुल द्रविड़ को बल्लेबाजी सलाहकार और जहीर खान को बॉलिंग कंसल्टेंट के
तौर पर नियुक्त किया गया था। इसके लिए मिस्टर भरोसेमंद राहुल द्रविड़ भी राजी हो
गये थे लेकिन मौजूदा कोच रवि शास्त्री से बात करने के बाद मिस्टर कूल ने अपना
फैसला बदल दिया। हेडकोच रवि शास्त्री से उनकी क्या बात हुई, जिसके बाद राहुल ने
जिम्मेदारी लेने से मना कर दिया।
‘बाद में बदला द्रविड़ ने फैसला’
सौरव गांगुली के
मुताबिक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की एडवाइजरी कमिटी में उनके साथ
मास्टर-ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर और वीवीएस लक्ष्मण भी थे। कोच के तौर पर रवि
शास्त्री के सेलेक्शन के बाद कमिटी ने बैटिंग और बॉलिंग कंसल्टेंट के लिए BCCI के पास राहुल द्रविड़ और जहीर ख़ान का नाम भेजा
था लेकिन ऐसा नहीं हो सका। बाद में रवि शास्त्री के चहेते संजय बांगड़ को
बल्लेबाजी कोच और भरत अरुण को गेंदबाजी कोच का जिम्मा सौंपा गया।
सौरव गांगुली ने
खुलासा करते हुए ये भी कहा है कि अनिल कुंबले के मुख्य कोच पद से हटने के बाद हेड
कोच के सेलेक्शन का काम काफी पेचीदा हो गया था लेकिन हम काफी मुश्किल से बाहर निकल
सके थे। अगर विराट कोहली से सलाह करने के बाद रवि शास्त्री को हेड कोच की
जिम्मेदारी दी गयी है तो फिर उन्हें इसे बखूबी निभाना पड़ेगा और हार की जिम्मेदारी
को भी उठाना पड़ेगा।


खेल में भी है गजब की पॉलिटिक्स
ReplyDeletePolitics her jagah hi mil jati hai.....☹️
ReplyDeletewell written....
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