भारतीय क्रिकेट
कंट्रोल बोर्ड द्वारा लागू किये गये नये संविधान के बाद टिकट बंटवारे को लेकर खड़ा
हुआ विवाद थमता नहीं दिख रहा है। इस ताजातरीन विवाद में कैब यानी क्रिकेट एसोसिएशन
ऑफ बंगाल के अध्यक्ष और पूर्व क्रिकेटर सौरव गांगुली ने बीसीसीआई को खरीखरी सुनाते
हुए अपना पक्ष रख दिया है। सौरव गांगुली ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को दो
टूक जवाब देते हुए कहा है कि CAB कॉम्प्लिमेंट्री
टिकट के संबंध में कोई समझौता नहीं करेगा।
दादा
की बीसीसीआई को खरीखरी
टीम इंडिया के पूर्व
कप्तान और कैब अध्यक्ष सौरव गांगुली ने अपनी बात रखते हुए मजबूरियां गिनायी और कहा
कि टिकट बंटवारे के मुद्दे पर CAB अपनी बातों पर अडिग
है। बोर्ड अगर चाहे तो 4 नवंबर को इडेन गार्डेन में होने वाला टी-20 का पहला
मुक़ाबला वापस ले सकता है लेकिन हम समझौता नहीं करेंगे। दादा ने जोर देते हुए कहा
कि जिन्हें हमें कॉम्प्लिमेंट्री टिकट देनी चाहिए, उन्हें हम दे रहे हैं। मैं इस
मुद्दे पर मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के साथ खड़ा हूं और उनकी दिक्कतों को समझ
सकता हूं।
फैसले
पर अड़े दादा, कहा- नहीं करुंगा समझौता
प्रिंस ऑफ कोलकाता
ने बीसीसीआई को दो टूक जवाब देते हुए कहा कि कैब ने 10 हजार कॉम्पिमेंट्री टिकट
कोलकाता पुलिस, कोलकाता फायर ब्रिगेड और कोलकाता कॉरपोरेशन को दी है। कोलकाता
पुलिस मैच के लिए सुरक्षा का इंतजाम करती है। इसके बदले में वे मामूली सी रकम लेते
हैं लिहाजा हम उन्हें टिकट के लिए मना नहीं कर सकते। ये नहीं कह सकते कि आप टिकट
खरीदकर मैच का लुत्फ उठाइए। क्रिकेट एसोसिशन ऑफ बंगाल प्रथम और द्वितीय श्रेणी के
क्लबों को भी टिकट उपलब्ध कराती है, ऐसे में बीसीसीआई हमसे अतिरिक्त टिकट की
उम्मीद न करे। इस मामले की व्यवहारिकता को BCCI नहीं समझ रही है।
क्या
कहता है बोर्ड का नया संविधान ?
दरअसल, बीसीसीआई ने
नया संविधान लागू किया है, जिसमें ये उल्लेखित है कि मैच के लिए 90 फीसदी टिकट
दर्शकों के लिए उपलब्ध करायी जाएगी जबकि शेष 10 फीसदी टिकट राज्य क्रिकेट एसोसिएशन
की होगी लेकिन इसके बावजूद बीसीसीआई खुद के इस्तेमाल के लिए अतिरिक्ट टिकट की मांग
कर रही है, जिसको लेकर ये नया बखेड़ा खड़ा हो गया है।
विदित है कि 24
अक्टूबर को मध्यप्रदेश के इंदौर में वेस्टइंडीज के ख़िलाफ़ पहला एकदिवसीय मुक़ाबला
निर्धारित है। इस मुक़ाबले के कॉम्पलिमेंट्री टिकट को लेकर MPCA ने भी असमर्थता जतायी है, जिसके बाद बीसीसीआई मुंह
फूलाते हुए मैच किसी अन्य स्थल पर कराने का विचार कर रहा है।



सौ आने सच है दादा की बात..हालांकि मिल बैठकर बीच का रास्ता निकालना होगा..
ReplyDeleteDada is 100% right
ReplyDeletedada is alwayss right👍
ReplyDeleteNice article.....👌🏻
ReplyDeleteSamjhota to nahi karna chaiye
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