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आगामी वर्ल्ड कप को लेकर युवी ने लगायी दहाड़, 'सिक्सर किंग' ने प्रशंसकों को बताया सॉलिड प्लान




मध्यक्रम के विस्फोटक बल्लेबाज और सिक्सर किंग युवराज सिंह ने अपनी दिली तमन्ना क्रिकेट प्रशंसकों से शेयर की है और कहा है कि उनकी ख्वाहिश है कि वे साल 2019 में होने वाली वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा बनें। हालांकि अपनी चाहत को बताते हुए युवी ने ये भी कहा कि वे किसी युवा की जगह को हथिया कर टीम में शामिल नहीं होना चाहते। वे अपनी काबिलियत और प्रदर्शन के बल पर टीम इंडिया का हिस्सा बनना चाहते हैं। 

घरेलू सर्किट में धूम मचा रहे हैं सिक्सर किंग

2019 वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा बनने की ख्वाहिश रखने वाले पंजाब के शेर का कहना है कि वे अपने परफॉर्मेंस के बलबूते चयनकर्ताओं का ध्यान खींचना चाहते हैं लिहाजा वे घरेलू सर्किट में जमकर बल्लेबाजी कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में पंजाब की तरफ से धुआंधार बल्लेबाजी करते हुए विरोधियों के छक्के छुड़ा दिये। विजय हजारे ट्रॉफी के अबतक खेले गये सात मैचों में कुल 9 छक्के जड़ते हुए 264 रन बनाये हैं। इसमें रेलवे के ख़िलाफ़ 6 चौके और 5 छक्के की मदद से 96 रनों की ताबड़तोड़ पारी भी युवराज सिंह ने खेली है। युवी की माने तो इस सीजन के दौरान वे बेफिक्र होकर अपनी बल्लेबाजी का लुत्फ उठाना चाहते हैं।

युवी के मुताबिक पिछले घरेलू सीजन में वे बल्ले से बुरी तरह फ्लॉप रहे थे। आईपीएल के दौरान भी कुछ ख़ास प्रदर्शन नहीं कर पाये थे। ख़ुद के बुरे प्रदर्शन से निराश होकर वे कुछ दिनों तक क्रिकेट से दूर भी रहे और फिर उन्होंने सीरियसली अपने गेम के बारे सोचा और घरेलू सीजन की शुरुआत से पूर्व प्लान बनाया। युवी की माने तो शेष बचे क्रिकेट करियर का वे जमकर लुत्फ उठाना चाहते हैं लिहाजा उन्होंने जमकर मेहनत करने की ठानी है। 


ऑफ सीजन में फिटनेस पर दिया जोर

घरेलू सीजन की शुरुआत से पूर्व युवराज सिंह ने इंग्लैंड में पांच हफ्ते गुजारे हैं, जहां उन्होंने ट्रेनर जेम्स की देखरेख में अपनी फिटनेस के स्तर का काफी इंप्रूव किया है। युवी के मुताबिक पांच हफ्ते बाद जब वे घर लौटे तो फिर से खुद की देखरेख में तीन हफ्ते तक जमकर फिटनेस ट्रेनिंग की, जिसका नतीजा रहा कि वे यो-यो टेस्ट भी पास कर चुके हैं। युवी की माने तो फिटनेस ट्रेनिंग के बाद ही उन्होंने बल्ला छुआ है और विजय हजारे ट्रॉफी की शुरुआत से पूर्व एक प्रैक्टिस मैच खेला है। हालांकि वे जिस तरीके से गेंद को हिट कर रहे हैं, उसका सुखद एहसास बखूबी मिल रहा है। 

फिटनेस का दिखने लगा है असर

सिक्सर किंग की माने तो बेहतर फिटनेस हासिल करने के बाद वे मानसिक रूप से काफी मजबूत हो गये हैं, जिसकी झलक उनकी बल्लेबाजी में भी दिखने लगी है। उनका कहना है कि टीम में चुना जाना मेरे हाथ में नहीं है। जो मेरे हाथ में है, वो मेहनत करना है लिहाजा मैं जमकर अपनी बल्लेबाजी को बेहतर बनाने के लिए मेहनत कर रहा हूं। बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी, फिल्डिंग की भी हाड़तोड़ प्रैक्टिस कर रहा हूं। 


आगामी वर्ल्डकप में खेलने की है चाहत

विदित है कि युवराज सिंह को क्रिकेट प्रशंसक कमबैक किंग के तौर पर भी जानते हैं। दरअसल, साल 2013 में टीम से बाहर किये जाने के बाद युवी ने साल 2017 में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ वन-डे सीरीज में वापसी की थी और दूसरे ही मैच यानी कटक वन-डे में करियर की बेहतरीन इनिंग खेली और अंग्रेज गेंदबाजों की क्लास लेते हुए 150 रन ठोक डाले। युवी ने आखिरी बार टीम इंडिया के लिए वेस्टइंडीज के ख़िलाफ़ मैच खेला था, जिसमें उन्होंने मात्र 39 रनों का योगदान दिया था। 


फिलहाल टीम इंडिया में वापसी की उम्मीद संजोये युवराज सिंह का मानना है कि चार दिवसीय क्रिकेट में वे किसी युवा खिलाड़ी की जगह छीनना नहीं चाहते। उनकी माने तो पिछले घरेलू सीजन में पंजाब के बल्लेबाज अनमोलप्रीत सिंह ने शानदार प्रदर्शन किया था और दो दोहरे शतक लगाये थे। ऐसा ही कुछ युवा बल्लेबाज शुभमन गिल कर रहा है लिहाजा मैं उनको दरकिनार करना नहीं चाहता लेकिन हां, इनके उपलब्ध नहीं होने पर अगर मुझे खेलने के लिए बोला जाएगा तो मैं जरूर खेलना चाहूंगा। फिलहाल उन्हें घरेलू टी-20 सीरीज का इंतजार है, जिसमें बेहतर प्रदर्शन कर वे आगामी वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया में जगह बनाना चाहते हैं।   

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6 comments:

  1. मध्यक्रम में अबतक युवी की जगह की भरपायी नहीं हो सकी है लिहाजा अब भी मौका है।

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  2. Really Appreciate Yuvi’s thought.....want to come but don’t want to take new player’s place......👌🏻👏🏻

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  3. युवराज सिंह को मौका मिलना चाहिए।

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