आमतौर पर सचिन तेंदुलकर काफी संयमित और शांत क्रिकेटर के तौर पर जाने जाते हैं। मैदान के बाहर और अंदर उनकी शालीनता के चर्चे होते हैं लेकिन एक मौका ऐसा भी आया, जब मास्टर-ब्लास्टर ने मैदान पर जमकर अपनी भड़ास निकाली थी। साल 1998 में ढाका में सिल्वर जुबली इंडिपेंडेंस कप के तीन फ़ाइनलों में से एक दूसरे फ़ाइनल के दौरान साइटस्क्रीन के सामने और आस-पास बार-बार चहलकदमी करने पर एक शख्स को बुरी तरह से लताड़ दिया था।
साइटस्क्रीन के आसपास बार-बार हलचल होने पर सचिन ने अंपायर से इसकी शिकायत की लेकिन नतीजा बेहतर नहीं रहा लिहाजा ध्यान भंग होने पर मास्टर-ब्लास्टर ने अपना विकेट गंवा दिया।
आगबबूला हुए सचिन, कहा था भला-बुरा
आउट होकर पवेलियन लौटते वक्त सचिन काफी आगबबूला थे। इसी दौरान कोई उनसे क्षमा मांगने आया तो मास्टर-ब्लास्टर तुरंत उसपर बरस पड़े और कहा कि अगर बुनियादी बातें ही सही नहीं है तो बांग्लादेश को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट आयोजित करने का कोई हक़ नहीं है।
इतना सब कुछ हो जाने के बाद सचिन को पता चला कि जिस शख्स पर वो नाराजगी जाहिर कर रहे थे, वो कोई आम आदमी नहीं बल्कि बंग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष और एशियन क्रिकेट काउंसिल के तत्कालीन चीफ एक्जीक्यूटिव अशरफ उल हक़ थे।
सचिन को इस बात की इत्तला होने के बाद वे अब जब भी एक-दूसरे से मिलते हैं तो सॉरी कहकर बात शुरू करते हैं।


सचिन का गुस्सा जायज था...
ReplyDeletewow...interesting story
ReplyDeleteNice article........
ReplyDeleteWow..what a story
ReplyDeleteगुस्से से हालात और बिगड़ते ही हैं।
ReplyDeleteNice article once again...
ReplyDeleteNice article 👌👌
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