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निराश बैठे 'बिहार के तेंदुलकर' को मिला सरप्राइज, नन्हे उस्ताद पृथ्वी शॉ हो गये गदगद




दिल्ली और मुंबई के बीच खेले गये विजय हजारे ट्रॉफी के फ़ाइनल मुक़ाबले में नन्हे उस्ताद पृथ्वी शॉ यूं तो कुछ ख़ास कमाल नहीं कर पाये लेकिन मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम में निराश बैठे बिहार के तेंदुलकर को एक बड़ा सरप्राइज मिला। ये सरप्राइज थे:  गुंडप्पा विश्वनाथ। जी हां, भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज गुंडप्पा विश्वनाथ ने पृथ्वी शॉ से मुलाक़ात कर उनकी हौसलाअफजाई की। 


शॉ से मिले गुंडप्पा विश्वनाथ 

बकौल गुंडप्पा विश्वनाथ, वे पृथ्वी शॉ से मिलने के लिए काफी उतावले थे। जब उन्हें पता चला कि विजय हजारे ट्रॉफी का फ़ाइनल मुक़ाबला बेंगलुरु में हो रहा है, तभी उन्होंने भारतीय क्रिकेट के इस नन्हे उस्ताद से मिलने की ठानी और स्टेडियम पहुंच गये। 

पृथ्वी शॉ से मिलने के बाद गुंडप्पा विश्वनाथ ने उन्हें ढेरों शुभकामनाएं दी और कहा कि अभी लंबा सफ़र तय करना है लिहाजा ख़ुद को फोकस रखें और खेल का आनंद उठाये। विदित है कि दोनों दिग्गजों की मुलाक़ात इसलिए संभव हुई क्यों कि 49 साल बाद पृथ्वी शॉ ने भारतीय क्रिकेट में एक ख़ास मुकाम बनाया है।


49 साल बाद शॉ ने बनाया ख़ास मुकाम 

पृथ्वी शॉ ने फर्स्ट क्लास और टेस्ट डेब्यू पर शानदार शतक जड़कर एक नया कीर्तिमान गढ़ा है। छोटे उस्ताद ने राजकोट टेस्ट से अपने करियर की शुरुआत करते हुए 134 रनों की धमाकेदार पारी खेली थी लिहाजा फर्स्ट क्लास और टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करते हुए शतक लगाने वाले पृथ्वी शॉ विश्व क्रिकेट के तीसरे खिलाड़ी बने। इस लिस्ट में गुंडप्पा विश्वनाथ का भी नाम शामिल है। विशी ने 1969 में ये कारनामा किया था और क्रिकेट प्रशंसकों का अपनी बैटिंग स्टाइल से दिल जीत लिया था।

फिलहाल भारतीय क्रिकेट के धुरंधर बल्लेबाज रहे गुंडप्पा विश्वनाथ से मिलकर पृथ्वी शॉ काफी गदगद है। शॉ की माने तो विशी सर से मिलकर उनका सपना साकार हो गया।
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4 comments:

  1. वाकई दिग्गज खिलाड़ी है गुंडप्पा विश्वनाथ, मुलाक़ात होना सपना साकार होने जैसा है।

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  2. Kya baat hai.....shaw ka to din ban gya....

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