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SPECIAL REPORT: पसीने की स्याही से पुजारा ने एडिलेड में लिख दिया टीम इंडिया का मुकद्दर



पसीने की स्याही से जो लिखते हैं अपने इरादों को...उनके मुकद्दर के पन्ने कभी कोरे नहीं हुआ करते। जी हां,  त्याग, तपस्या और समर्पण की दूसरी प्रतिमूर्ति एडिलेड टेस्ट के हीरो चेतेश्वर पुजारा ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। गावस्कर-बॉर्डर ट्रॉफी के पहले ही टेस्ट मैच में टीम इंडिया की इस दीवार ने एकबार फिर क्रीज पर खूंटा गाड़ते हुए अपनी काबिलियत दर्शा दी है। टेस्ट सीरीज की शुरुआत में ही राजकोट के राजकुमार ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी की धार को कुंद करते हुए शानदार शतक जड़ दिया और टीम इंडिया को जीत दिलाने में अहम योगदान दिया। 

धैर्य, दृढ़ता और मजबूत मानसिकता का संगम हैं पुजारा

भारतीय क्रिकेट टीम की इस दीवार ने नंबर तीन पर बल्लेबाजी करते हुए एक मछुआरे की भांति धैर्य का परिचय दिया। एकतरफ टीम के दूसरे खिलाड़ी अपना विकेट गंवा पवेलियन की राह देख रहे थे, वहीं द्रविड़ की भांति पुजारा ने सब्र का बेहतरीन नमूना पेश करते हुए वर्ल्ड क्रिकेट को अपनी सलाहियत से दीवाना बना दिया। एडिलेड टेस्ट में इस स्टार बल्लेबाज द्वारा खेली गयी पारी को दिग्गजों ने काफी सराहा है। सभी ने पुजारा के धैर्य, दृढ़ता और मजबूत मानसिकता को लोहा माना है।


चैपल ने भी पुजारा की शान में गढ़े कसीदे

ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज क्रिकेटर इयान चैपल ने पुजारा की तारीफ में कसीदे गढ़ते हुए कहा है कि सिर्फ एशियाई सरजमीं पर ही नहीं इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की मुश्किल परिस्थितियों में भी पुजारा निखर कर सामने आये हैं। दोनों टूर पर चेतेश्वर पुजारा ने शानदार शतक जड़कर परिपक्वता दर्शायी है। वे भरोसेमंद बल्लेबाज के तौर पर खुद को साबित कर चुके हैं। 

नाकामयाबी से नहीं मानी हार

विदित है कि इस साल की शुरुआत में चेतेश्वर पुजारा दक्षिण अफ्रीका टूर पर कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाये थे लिहाजा उनकी बल्लेबाजी स्टाइल को लेकर कई सवाल खड़े होने लगे थे। आईपीएल की नीलामी के दौरान भी उन्हें मायूसी हाथ लगी थी और किसी भी टीम ने उनपर बोली नहीं लगायी थी। इस मुश्किल परिस्थितियों से हार मानने की बजाय वे जूझने के लिए फिर से तत्तर हो गये और काउंटी क्रिकेट की राह पकड़ ली, जहां उन्होंने यॉर्कशायर से जुड़ गये और काउंटी क्रिकेट खेलने लगे। हालांकि वहां भी उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा लेकिन एक अलग अनुभव मिला, जो आगामी इंग्लैंड टूर पर काफी काम आया। 


इंग्लैंड टूर से पुजारा ने बदला रंग

साल 2018 के गर्मी के दिनों में इंग्लैंड टूर पर गयी टीम इंडिया की तरफ से पहले टेस्ट मैच में पुजारा को प्लेइंग 11 में शामिल नहीं किया गया लिहाजा टीम मैनेजमेंट पर काफी सवाल खड़े होने लगे थे। सीरीज के दूसरे टेस्ट मैच यानी लॉर्डस में उन्हें मौका मिला, जिसका वे भरपूर फायदा नहीं उठा सके लेकिन इसी श्रृंखला के चौथे टेस्ट में पुजारा ने रंग दिखाया और साउथैंप्टन में नाबाद 132 रनों की बेजोड़ पारी खेल आलोचकों के मुंह पर क़रारा तमाचा जड़ दिया था। 

इसके बाद एकबार फिर कंगारुओं के ख़िलाफ़ शुरुआती टेस्ट मैच में भी मुश्किल परिस्थितियों से जूझते हुए चेतेश्वर पुजारा ने अपनी उपयोगिता साबित कर मैराथन पारी खेल दी। पहली पारी में 123 रनों की बेमिसाल पारी खेलने के बाद दूसरी पारी में भी 71 रनों की उम्दा पारी खेल ये साबित कर दिया कि वे वाकई में मिस्टर भरोसेमंद राहुल द्रविड़ के नक्शेकदम पर चल पड़े हैं और वे ही उनके असली उत्तराधिकारी हैं। 

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2 comments:

  1. बेजोड़ प्लेयर और ऑस्ट्रेलिया में बेजोड़ आगाज़

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